हमारी जानकारी

मुट्ठीभर जागरूक महिलाओं ने जून 1984 में उत्तजर प्रदेशीय महिला मंच की नींव रखी थी। सपना था एक बहिन दूसरी बहिन के लिए संबल बने और ये श्रृंखला बढ़ती ही जाए। यदि एक नारी का उत्पीीड़न हो तो हर नारी ये महसूस करे कि ये संकट समस्तृ महिला जगत का है। हर नारी शिक्षित, स्वाहवलंबी और सशक्त हो। मुट्ठीभर महिलाओं के द्वारा बोया गया ये पौधा अब वटवृक्ष की शक्ल ले रहा है। हांलाकि उत्तहर प्रदेशीय महिला मंच की नींव 1984 में रखी गई लेकिन बाबूशाही से जूझते हुए ‘मंच’ का पंजीकरण 3 जून 1999 को संभव हो सका। गैर राजनीतिक और गैर लाभकारी उत्त र प्रदेशीय महिला मंच एक गैर सरकारी संगठन है, जो भारतीय रजिस्ट्रे शन एक्टर 1860 की धारा 21 के तहत सोसाइटी के रजिस्ट्रा र उत्तीर प्रदेश के मेरठ क्षेत्र कार्यालय से पंजीकृत है और इसकी पंजीकरण संख्यां 349-2009 है। मंच आयकर अधिनियम 1961 की धारा 12-क में पंजीकृत है जिसकी पंजीकरण संख्याै सी0 सं0 40 (79)/निबन्धभन/आ0आ0 मेरठ/के0सु0शा0 1248 स0आ0आ0 (तक0)/0809 है। ‘मंच’ को आयकर अधिनियम की धारा 80-जी के अधीन प्रमाण पत्र हासिल है जिसके तहत उत्तरर प्रदेशीय महिला मंच को 31-03-2011 तक दिया गया संदान आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80-जी के अंतर्गत कर मुक्ति के लिए वैद्य होगा। ‘मंच’ को हासिल 80-जी सुविधा की पंजीकरण संख्याप सी0नं0 19(75)/कर मुक्ति/आ0आ0मेरठ/स0आ0आ0तक0/0809 है।
‘मंच’ का पंजीकरण भले ही स्थाापना के पंद्रह साल बाद हुआ लेकिन नींव रखने के बाद हमसे जुड़ी जागरूक महिलाओं के कदम कभी रुके नहीं। आज उत्तीर प्रदेशीय महिला मंच के साथ जमीनी हकीकत से जुड़ी कार्यकर्ताओं का एक काफिला है।

President

डा0 अर्चना जैन : जानी-मानी त्वसचा रोग विशेषज्ञ डा0 अर्चना जैन व्य वसाय से भले ही चिकित्स क हैं लेकिन उनका दिल हमेशा सामाजिक कार्यों, खासतौर से महिलाओं के उत्थागन के लिए धड़कता है। हाशिए पर खड़ी, प्रताडि़त और संघर्षशील महिलाओं के लिए सतत संघर्षशील रहने वाली डा0 अर्चना जैन का संगीत और प्रकृति से बहुत गहरा रिश्ताी है जो उन्हेंल सामाजिक सरोकारों से हमेशा जोड़े रखता है। एचआईवी जैसे घातक रोग के प्रति जनचेतना जागृत करने, रोगियों का उपचार और उनकी सामाजिक स्वीईकार्यता के लिए डा0 अर्चना लंबे समय से कार्य कर रही हैं।






General Secretory

ऋचा जोशी :
दिल में कभी न हार मानने का दृढ़ संकल्पग और महिलाओं को प्रेरित करने का मजबूत विश्वालस लिए ऋचा जोशी हमेशा संघर्षशील रहती हैं। पिछले पच्चीरस वर्षों से दबी, सहमी और घुटन भरी जिंदगी से बाहर निकालने में जुटी ऋचा महिलाओं को अपने खोल से बाहर आकर दुनिया का सामना करने का हौंसला देती है ताकि स्त्रियां सम्माेन एवं आत्म विश्वातस से खड़ी हो सकें। मीडिया से संबद्ध ऋचा शोषित एवं दमित महिलाओं के उन्नलयन के लिए निरंतर जुटी रहती हैं ताकि उनमें कभी न खत्मच होने वाली जागृति व आत्म्ज्ञान ला सकें।
.